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Vodafone-Idea and Airtel बकाए का आंशिक भुगतान किया

Vodafone-Idea Aur Airtel बकाए का आंशिक भुगतान किया


इस समय टेलीकॉम कंपनियों पर काफी समस्या चल रही है जो इनको ए जी आर के लेकर है लगातार देखा जा रहा है vodafone-idea घाटी में चल रही है और इनका जो A G R का भुगतान है वह नहीं हो पा रहा है और कंपनी घाटे पर चल रही है और एयरटेल ने भी A G R का भुगतान नहीं किया है तो अभी थोड़ी बहुत देना सुरुआत कि  अभी है सुप्रीम कोर्ट ने समय पर भुगतान नहीं करने को लेकर काफी फटकार लगाई थी उन कंपनियों का जो यह फिर कंपनियां थोड़ा बहुत करके स्टार्ट की है A G R भरना शुरू की है 17 फरवरी 2020 को एयरटेल सर्वाधिक बकाया राशि 10000 करोड़ का भुगतान की है वही vodafone-idea ने तत्काल सोमवार को ही 2500 करोड़ जमा कराने की बात कही साथ ही कंपनी ने यही बोला है कि 1000  करोड़ इसी सप्ताह में जमा करवा देंगे।टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि उसने सरकार को समायोजित सकल आय के बकाए के निपटान के लिए 2197 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।
इस बीच सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार विभाग कंपनियों द्वारा दूरसंचार लाइसेंस लेने के समय दी गई बैंक गारंटी को भुनाने के विकल्प पर विचार कर रहा है न्यायालय ने भुगतान को लेकर 23 जनवरी की समय सीमा का पालन नहीं करने के बाद दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के विभाग के आदेश को लेकर फटकार लगाई थी बैंक गारंटी बनाने से vodafone-idea जैसी कंपनियों की समस्या बढ़ सकती है जो पहले बकाया लौटाने के लिए संघर्ष कर रही हैं वहीं दूरसंचार कंपनियों ने दूरसंचार विभाग के अनुमान को लेकर आपत्ति जताने शुरू कर दी है कंपनियों ने संकेत दिया है कि वे आकलन के आधार पर भुगतान करेगी दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की मंगलवार को बैठक होगी जिसमें यह बात पर विचार किया जाएगा की बैंक गारंटी को बुलाया जाना चाहिए या नहीं क्योंकि अब तक किसी भी दूरसंचार कंपनी ने पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है सूत्र ने कहा कि बैंक गारंटी भुनाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है अभी सभी विकल्पों पर गौर किया जा रहा है इस मामले में निर्णय मंगलवार को हो सकता है उधर उच्चतम न्यायालय में वोडाफोन आइडिया की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने ₹2500 करोड़ के शुरुआती भुगतान के बाद किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं करने का आग्रह किया लेकिन शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज कर दी इससे दूरसंचार विभाग को बैंक गारंटी बनाने समेत अन्य धनात्मक कदम उठाने के लिए गुंजाइश बन गई है बी बैंक गारंटी दो तिमाही के लाइसेंस शुल्क और अनुभव के बराबर है यह रास टेलर और vodafone-idea के लिए 5000 करोड़ रुपए हो सकती है उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया दूरसंचार कंपनियों का भुगतान समय सीमा बढ़ाने वाली याचिका को खारिज कर दिया था और उनसे स्पेक्ट्रम और लाइसेंस के रूप में बकाया करें 1.47 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा न्यायालय ने आगाह करते हुए कहा कि भुगतान नहीं होने पर इन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगी इसमें ब्याज भुगतान भी शामिल है कुल राशन एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की हिस्सेदारी करीब 60% है बाजार को दी सूचना में कहा कि दूरसंचार विभाग द्वारा अनुमानित 35586 करोड रुपए में से उसने ₹10000 करोड़ का भुगतान कर दिया ₹2500 करोड़ देने की बात कही कंपनी ने विभाग के अनुमान के अनुसार ₹53000 बकाया है एयरटेल ने कहा है कि वह 17 मार्च को होने वाली सुनवाई से पहले से बकाए का भुगतान कर देगी लेकिन vodafone-idea ने ऐसी कोई समस्या नहीं दिया है टाटा समूह की कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड और टाटा टेली और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में ₹  2197  करोड़ भुगतान दूरसंचार विभाग को किया इस भुगतान के साथ उसके ऊपर बकाया का पूरा निपटान हो गया है।
Yadi Vodafone Idea bhugtan nahin karti hain aur Apna business band karne ka decision lenge vah payment Nahin par Kar payegi Tu you telecom sector mein Do diggaj companiyan rahegi jo ki ek Reliance industries ki jio hai aur dusri Airtel kafi donon badi companiyan hain aur achcha kar lenge to Fir price bar bhi inke according price mein bhi log mahangi kar sakte hain abhi Ki aisa is spasht Nahin hua hai ki Vodafone Idea donon company band karenge

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